मनी लॉन्ड्रिंग केस - संजय राउत के घर पहुंची ED की टीम, गिरफ्तार भी हो सकते हैं

राउत पर जांच में सहयोग न करने का आरोप लगा है
 | 
SU
साल 2020 में महाराष्ट्र में पीएमसी बैंक घोटाला हुआ था. जिसकी जांच चल रही थी. तभी जांच अधिकारियों को गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (GACPL) का नाम सामने आया. आगे पता चला कि बिल्डर प्रवीण राउत की पत्नी के बैंक खाते से संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को 55 लाख रुपये का लोन दिया गया था. आरोप है कि संजय राउत ने इस पैसों से दादर में एक फ्लैट ख़रीदा था.

मुंबई - शिवसेना सांसद संजय राउत की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं. राउत केंद्र जांच एजेंसी ईडी(Enforcement Directorate) के निशाने पर हैं. उन्हें 1 जुलाई की पूछताछ के बाद 20 और 27 जुलाई को तलब किया गया था लेकिन उन्होंने अपने वकीलों के जरिये सूचना भेजी कि संसद सत्र(Monsoon Session) के कारण वो 7 अगस्त के बाद ही पेश हो पाएंगे. अब संजय राउत(Sanjay Raut) पर रविवार सुबह सुबह बड़ी कार्रवाई हुई है. ईडी के सूत्रों के मुताबिक संजय राउत को गिरफ्तार कर हिरासत में लिया जा सकता है. राउत पर जांच में सहयोग न करने का आरोप लगा है.

दरअसल महाराष्ट्र के 1 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के पात्रा चॉल जमीन स्कैम केस(Patra Chawl land scam Case) में ईडी की टीम शिवसेना सांसद संजय राउत से पूछताछ कर रही है. उन्हें 27 जुलाई को ईडी ने तलब किया था. लेकिन वो अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए थे. इसके बाद ईडी के अधिकारी उनके घर पहुंचे हैं.

क्या है मामला

यह मामला मुंबई के गोरेगांव एरिया(Goregaon Area) में पात्रा चॉल से जुड़ा है जोकि महाराष्ट्र हाउसिंग एरिया डेवलेपमेंट ऑथोरिटी(MHADA) का एक बड़ा प्लॉट है. आरोप के मुताबिक इसमें करीब 1034 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है. इस केस में संजय राउत की 9 करोड़ और उनकी पत्नी की वर्षा की 2 करोड़ रुपये की संपति जब्त हो चुकी है. आरोप है कि रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत(Real Estate Businessman Parveen Raut) ने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों के साथ घोखाधड़ी की है. इस कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस बड़े प्लॉट पर 3 हजार फ्लैट बनाने का काम दिया गया था. इनमें से 672 फ्लैट यहां पहले से रह रहे लोगों को देने थे बाकी एमएचएडीए(Maharashtra Housing Area Development Authority) और एक कंपनी को देने थे. लेकिन साल 2011 में इस विशाल प्लॉट के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डर्स को बेच दिया गया.

कैसे उजागर हुआ मामला

दरअसल साल 2020 में महाराष्ट्र में पीएमसी बैंक घोटाला हुआ था. जिसकी जांच चल रही थी. तभी जांच अधिकारियों को गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (GACPL) का नाम सामने आया. आगे पता चला कि बिल्डर प्रवीण राउत की पत्नी के बैंक खाते से संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को 55 लाख रुपये का लोन दिया गया था. आरोप है कि संजय राउत ने इस पैसों से दादर में एक फ्लैट ख़रीदा था. प्रवीण राउत गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व डायरेक्टर हैं. प्रवीण राउत को ईडी ने बीती 2 फरवरी को गिरफ्तार किया था.

Latest News

Featured

Around The Web