देश की आजादी से लेकर इमरजेंसी तक पत्रकारों का योगदान अहम - कंवर पाल गुर्जर

एडीजीपी अंबाला रेंज व एडीजीपी हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स ब्यूरो श्रीकांत जाधव ने कहा कि हमारा प्रदेश उड़ता पंजाब की तरह उड़ता हरियाणा नहीं बनना चाहिए
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KANWAR PAL GURJAR
अगर सरकार किसी प्रकार का गलत फैसला लेती है तो पत्रकार अपनी कलम के माध्यम से सरकार को चेताते हैं, सरकार की आंखें खोलने का काम करते हैं। जिससे समय रहते सरकार को अपनी गलतियों का आभास होता है।

यमुनानगर: मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन(Media Well-being Association) के तत्वावधान में यमुनानगर के सौन्दर्य रिसॉर्ट्स में एक संगोष्ठी(Seminar) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यतः पत्रकारों के सामने खड़ी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ समाज में नशा जैसी बढ़ रही कुरीतियां मुख्य केंद्र बिंदु रही। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने पहुंचे हरियाणा के शिक्षा, पर्यटन व वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर(Kanwar Pal Gurjar) ने पत्रकारों को देश का चौथा स्तंभ बताते हुए हर तरह से पत्रकार समाज के साथ सरकार के सहयोग का आश्वासन दिया। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता अंबाला रेंज के एडीजीपी एवं हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स ब्यूरो(Haryana State Narcotics Bureau) श्रीकांत जाधव(Sri Kant Jhadav) ने नशे को लेकर चल रही उनकी मुहिम में पत्रकारों के सहयोग की अपील करते हुए कहा कि आज केवल पुलिस विभाग के सहयोग से इस बड़े मिशन पर कामयाबी हासिल करना संभव नहीं। इसमें हर शिक्षित वर्ग को अपनी सहभागिता निभाते हुए एक बड़े जन आंदोलन के रूप में इसे खड़ा करना होगा। कार्यक्रम में प्रसार भारती(Prasar Bharati) के सलाहकार ज्ञानेंद्र बरतरिया विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस संगोष्ठी में प्रदेश के विभिन्न जिलों के वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए।


प्रदेश के वन, पर्यटन एवं शिक्षा मंत्री(Tourism, Forest And Education Minister) ने कार्यक्रम के दौरान मंच पर संबोधन के दौरान पत्रकार को समाज की रीड की हड्डी बताते हुए कहा कि देश की आजादी से लेकर देश में लगी इमरजेंसी तक पत्रकारों ने हमेशा देश के लिए एक अहम  योगदान दिया। उन्होंने कहा कि एक सच्चा पत्रकार जीवन भर समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ता है। उनकी सरकार द्वारा लगातार पत्रकारों के लिए चलाई गई विभिन्न प्रकार की योजनाओं के बावजूद अभी भी इसमें गुंजाइश है, लेकिन वह और उनकी सरकार हमेशा पत्रकार समाज के लिए खड़े रहेंगे क्योंकि समाज में पत्रकार की भूमिका विपक्ष की तरह बेहद महत्वपूर्ण है। 

उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसी प्रकार का गलत फैसला लेती है तो पत्रकार अपनी कलम के माध्यम से सरकार को चेताते हैं, सरकार की आंखें खोलने का काम करते हैं। जिससे समय रहते सरकार को अपनी गलतियों का आभास होता है। कई बार कुछ फैसलों में देरी के बाद सुधार की गुंजाइश नहीं रहती। लेकिन पत्रकार की मदद से सरकार अपने फैसलों में सुधार करते है। इसलिए पत्रकार समाज की मजबूती बेहद आवश्यक है और सरकार लगातार इनके सहयोग में खड़ी रहेगी।


वहीं आईपीएस अधिकारी एडीजीपी श्रीकांत जाधव भी इस कार्यक्रम में पहुंचे थे। श्रीकांत जाधव ने नशे की लड़ाई में पत्रकार समाज के सहयोग की अपील करते हुए कहा  कि मात्र पुलिस की कोशिशों से प्रदेश में अपनी जड़ें जमा चुके नशे को उखाड़ फेंकना संभव नहीं है। प्रदेश में बेशक पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभा रही हो, लेकिन आज भी कहीं ना कहीं आम जनमानस पुलिस से बात करने में हिचकिचाता है। इसलिए पत्रकारों को आगे आना होगा। इस मुहिम को एक बड़ा जन आंदोलन बनाकर एक लंबी लड़ाई लड़ने की जरूरत है। 

उन्होंने कहा कि पुराने वक्त में जब माता-पिता के चरण स्पर्श करके उनके आशीर्वाद लेने की परंपरा थी, आज माता-पिता का सम्मान कम हुआ है, हाय हेलो करने के दौर ने हमें पतन की ओर धकेला है। आज छोटे-छोटे बच्चे नशे की लत में अपने जीवन को समाप्त कर रहे हैं। व्यवस्थाओं में सुधार के साथ-साथ पुराने संस्कारों को वापिस लाना होगा। 

उन्होंने कहा कि हर गांव में प्रतिष्ठित व्यक्तियों, स्कूल प्रबंधन व सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं को विश्वास में लेकर नशे के खिलाफ मुहिम में शामिल करना होगा। जाधव ने कहा कि सामाजिक हानि के डर से माता पिता अपने बच्चे की नशे की लत को छुपाते हैं। जबकि ऐसा करना ना केवल उस बच्चे बल्कि परिवार के लिए एक बड़ी हानि का कारण बन जाता है।

आर्थिक, मानसिक और सामाजिक हानि का शिकार बना परिवार पतन की ओर जाता है। इसलिए पत्रकार समाज को एक अहम रोल अदा करते हुए अपनी कलम की ताकत समाज को बचाने में लगानी होगी। तभी हमारा समाज- हमारा प्रदेश- हमारा देश विकास की ओर गतिशील होगा। 

श्रीकांत जाधव ने कहा कि हमारा प्रदेश उड़ता पंजाब की तरह उड़ता हरियाणा नहीं बनना चाहिए। दूध-दही के खाने वाला हरियाणा- पहलवानों को पैदा करने वाला हरियाणा- देश में सबसे अधिक मेडल लाने वाला हरियाणा अपनी इसी पहचान को बनाए रखें, इसे लेकर पत्रकारों को पुलिस की मदद करनी होगी। जाधव ने इस मौके पर पत्रकारों को हर प्रकार की मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि आसपास कहीं भी नशे की तस्करी, बिक्री या नशे की लत में कोई भी व्यक्ति शामिल है तो टोल फ्री नंबर पर जानकारी दे उसकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।

क्षेत्रीय पुलिस को भी जानकारी नहीं होगी कि सूचना किसने दी। क्योंकि कई बार क्षेत्रीय पुलिस निजी हित- निजी कारणों के चलते ऐसे लोगों के साथ संबंधों में होती है। इसलिए टोल फ्री नंबर पर मैसेज करके या बात करके इसकी जानकारी दें। पत्रकार समाज अपने क्षेत्र के कोने कोने से वाकिफ होता है। इसलिए उनकी मदद से यह काम बेहद आसान होगा।

एडीजीपी अंबाला रेंज व एडीजीपी हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स ब्यूरो श्रीकांत जाधव ने अपने संबोधन में कहा कि नशे के खिलाफ जन आंदोलन चलाना होगा। उन्होंने कहा कि कई गांव ऐसे तैयार हुए हैं जो कहते हैं कि अपने यहां नशा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि सोसायटी मिलकर ही इसमें चेंज ला सकती है। पत्रकारों की इस में मुख्य भूमिका  हो सकती है। उन्होंने कहा कि पत्रकार गंभीर मुद्दों को सामने लाते हैं। यह भी एक गंभीर समस्या है। जिसका समाधान समाज में परिवर्तन लाकर और लोगों को जागरूक करके किया जा सकता है। 


एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रशेखर  धरनी ने इस अवसर पर हरियाणा के पत्रकारों की विभिन्न मांगों को लेकर चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार हालांकि पत्रकारों के हित में काम कर रही है। कई मांगे लागू की गई हैं। लेकिन इसके बावजूद पत्रकारों के परिवारों का बीमा, उनके स्वास्थ्य के लिए पॉलिसी, मीडिया साथियों के बच्चों के रोजगार के लिए कोटा निर्धारित करने, एक्रीडिटेशन 3 साल बाद रिन्यू करने सहित अन्य मांगे हैं। जिसके लिए प्रदेश सरकार से अनुरोध किया जाएगा।

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