जानिए क्यों निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू के पास अर्धनग्न होकर पहुंचे हरियाणा पुलिस भर्ती के कैंडिडेट

लंबे समय से अटकी हुई है भर्ती
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HSSC CANDIDATE
सरकार की ऐसी ही तमाम गलत नीतियों की वजह से प्रदेश बेरोजगारी में नम्बर वन हो गया है लेकिन सरकार को युवाओं की जरा भी फिक्र नहीं। इसी के चलते युवा वर्ग हताश और निराश है उन्होंने आगे कहा," मैं आप लोगों की आवाज उठाऊंगा और युवाओं के अधिकारों के लिए सरकार से टकराने से भी गुरेज नहीं करूंगा।"

रोहतक: हरियाणा पुलिस भर्ती के परिणाम का इंतजार कर रहे प्रदेशभर के युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू से मुलाकात कर मदद मांगी। अर्धनग्न होकर अपनी फरियाद लेकर पहुंचे युवाओं ने कहा कि सरकार उनके बदन से कपड़े तक उतरवाने पर तुली हुई है और उनकी कहीं पर भी सुनवाई नहीं हुई तो वे अपनी फरियाद लेकर बलराज कुंडू से मिलने आये हैं। 

वहीं बलराज कुंडू ने उनके साथ बातचीत करते हुए विस्तार से उनकी बात सुनी और आश्वासन देते हुए कहा कि आप लोगों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ मैं पूरी मजबूती से आवाज उठाऊंगा और सरकार से जवाब माँगूंगा कि इतना लम्बा वक्त बीत जाने पर भी सरकार क्यों लापरवाह बनी बैठी है। उन्होंने कहा कि वह सरकार से सवाल करेंगे कि क्यों माननीय हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई के लिए दरखास्त लगाने की जगह समय बर्बाद किया जा रहा है। सरकार की ऐसी ही तमाम गलत नीतियों की वजह से प्रदेश बेरोजगारी में नम्बर वन हो गया है लेकिन सरकार को युवाओं की जरा भी फिक्र नहीं। इसी के चलते युवा वर्ग हताश और निराश है उन्होंने आगे कहा," मैं आप लोगों की आवाज उठाऊंगा और युवाओं के अधिकारों के लिए सरकार से टकराने से भी गुरेज नहीं करूंगा।"

क्या है मामला।

बताया जा रहा है कि हरियाणा पुलिस भर्ती 4/2020 को सबसे पहले 2019 में विज्ञापित किया गया था। इसमें पुरुष के 5500 व 1100 महिला सिपाही के पद विज्ञापित किए गए थे। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग(HSSC) ने इस भर्ती की पुरुष कांस्टेबल की परीक्षा 31 अक्टूबर तथा 1 व 2  नवम्बर 2021 को ली थी तथा महिला कांस्टेबल की परीक्षा 18 व 19 सितम्बर को ली गयी। इस भर्ती का परिणाम 11 दिसम्बर 2021 को आया तथा 17 दिसम्बर 2021 से 28  दिसम्बर 2021 तक पुरुष भर्ती का फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट हुआ तथा 5 जनवरी 2022 से 20 जनवरी 2022 तक फिजिकल मेज़रमेंट तथा दस्तावेज़ जांच हुई। महिला सिपाही का अंतिम परिणाम 15 दिसम्बर 2021 को आया। जिसके बाद इस परिणाम को माननीय हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। 

विधानसभा में भी यह मामला उठा और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा सत्र के दौरान बलराज कुंडू के सवाल का जवाब देते हुए महिला कांस्टेबल के अंतिम परिणाम में परसेंटाइल फार्मूला के साथ एक्स्ट्रा नंबर जोड़ने को त्रुटिपूर्ण माना था तथा इस परिणाम को संशोधित करने की बात भी कही थी। अब माननीय हाईकोर्ट में 11 मई 2022 को पांचवी सुनवाई थी परन्तु सरकार की तरफ से किसी कारणवश कोई भी वकील या एजी (Attorney General) इसमें नहीं पहुंचे। ऐसे में केस की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 6 जुलाई 2022 की तारीख दे दी है जो एक बहुत लम्बा अंतराल है। इस तरह देखा जाए तो अप्रैल 2020 से लेकर अब तक लगभग दो साल हो चुके हैं लेकिन भर्ती है कि पूरा होने का नाम ही नहीं ले रही। इसी वजह से अभ्यार्थी बहुत परेशान हैं और मानसिक तनाव का शिकार होते जा रहे है।

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