दलित मजदूर के बेटे को मिली अमेरिका में 2.5 करोड़ की स्कॉलरशिप

प्रेम को 4 साल तक 29,055 डॉलर की मार्क़िज स्कॉलरशिप और 43,879 डॉलर की लाफायेट कॉलेज ग्रांट हर साल मिलेगी
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PREM MANJHI
प्रेम के पिता जीतन मांझी एक दिहाड़ी मजदूर हैं. जीतन मांझी बिहार के महादलित समुदाय से आते हैं. प्रेम अपने परिवार से कॉलेज जाने वाले पहले सदस्य होंगे. खबरों के अनुसार प्रेम ने शोषित समाधान केंद्र से इस साल 12वीं की परीक्षा दी है. लाफायेट कॉलेज में प्रेम मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करेंगे.

पटना - बिहार की राजधानी पटना के पास फुलवारी शरीफ(Phulwari Sharif) एरिया में के गांव गोनपुरा में रहने वाले 17 साल के प्रेम कुमार को अमेरिका के प्रतिष्ठित कॉलेज(reputed college) ने पढ़ाई के लिए बुलाया है. उसके माता-पिता कभी स्कूल नहीं गए. बताया जा रहा है कि अमेरिका के लाफायेट कॉलेज ने प्रेम को करीब ढाई करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप(Scholarship) ऑफर की है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रेम आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी कमजोर पृष्ठभूमि(Weak Background) से आते हैं. प्रेम के पिता जीतन मांझी एक दिहाड़ी मजदूर हैं. जीतन मांझी(Jitan Manjhi) बिहार के महादलित समुदाय से आते हैं. प्रेम अपने परिवार से कॉलेज जाने वाले पहले सदस्य होंगे. खबरों के अनुसार प्रेम ने शोषित समाधान केंद्र से इस साल 12वीं की परीक्षा दी है. लाफायेट कॉलेज में प्रेम मैकेनिकल इंजीनियरिंग (Mechanical Engineering) की पढ़ाई करेंगे. इस स्कॉलरशिप के तहत लाफायेट कॉलेज(Lafayette College) प्रेम की पढ़ाई और बाकी खर्चे उठाएगी. इसमें ट्यूशन(Tution), हॉस्टल(Hostel), किताबें(Books), हेल्थ इंश्योरेंस(Health Insurance) आदि शामिल है. 

BIHAR

मीडिया से बातचीत करते हुए प्रेम ने बताया, "मैंने 14 साल की उम्र में डेक्स्टेरिटी ग्लोबल नाम का संस्थान जॉइन किया था. मुझे डेक्स्टेरिटी द्वारा प्रशिक्षित किया गया है. ये एक राष्ट्रीय संगठन है, जो शिक्षा में अवसरों और ट्रेनिंग के माध्यम से भारत और विश्व के लिए नेतृत्व की अगली पीढ़ी तैयार करने में जुटा है. इसमें हमें कई कोर्स की तैयारी कराई जाती है. साथ ही ये भी बताया जाता है कि हमारी एजुकेशन क्यों जरूरी है और इससे हमारा क्या फायदा होगा."

उन्होंने कहा, "संगठन से जुड़े छात्र फेलोशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम में अप्लाई करते हैं और उसमें कॉलेज चुनना होता है. मैंने काफी रिसर्च करके 20 कॉलेज चुनी थी जिनमें अच्छी पढ़ाई होती है. आज ये मुकाम आया है कि मुझे ये सफलता मिली है. अब मैं अपनी पढ़ाई पूरी करके देश के लिए काम करना चाहता हूं."

प्रेम ने 20 कॉलेजेस के लिए अप्लाई किया था. जिसमें से उनका 2 में उनका सेलेक्शन हुआ. जिसमें से लाफायेट ने उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ स्कॉलरशिप के लिए भी चुना. स्कॉलरशिप के रूप में प्रेम को 4 साल तक 29, 055 डॉलर की मार्क़िज स्कॉलरशिप(Marquis Scholarship) और 43,879 डॉलर की लाफायेट कॉलेज ग्रांट(Lafayette College Grant) हर साल मिलेगी. 

बता दें कि लाफायेट कॉलेज अमेरिका के पेंसिल्वेनिया प्रांत(Pennsylvania Province) में स्थित है. इसकी स्थापना मार्च 1826 में हुई थी. इसे अमेरिका के हिडन आईवी(hidden ivy)कॉलेजों की श्रेणी में गिना जाता है. लाफायेट के अनुसार यह स्कॉलरशिप उन चुनिंदा छात्रों को प्रदान की जाती है जिनमें दुनिया की कठिन से कठिन समस्याओं का समाधान निकालने के लिए आंतरिक प्रेरणा एवं प्रतिबद्धता हो.

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