सूरत में सड़क पर नूपुर शर्मा के पोस्टर चिपकाए गए, मुंह पर जूते का निशान, जानिए पूरा मामला

पोस्टर पर नूपुर शर्मा को गिरफ़्तार करने की मांग भी की गई है
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NUPUR SHARMA
सूरत के जिलानी ब्रिज की सड़क पर नूपुर शर्मा को गिरफ्तार करने वाली मांग के साथ पोस्टर लगाए गए हैं। हालांकि पोस्टर किसने लगाए हैं ये अभी साफ़ नही हो पाया है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गयी है।

सूरत: बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा(Nupur Sharma) की चर्चा भारत में ही नही पूरी दुनिया में हो रही है। अरब देशों ने नूपुर शर्मा के बयान को लेकर भारत सरकार से माफ़ी तक कि मांग कर दी। लेकिन इसी बीच देश मे नूपुर शर्मा को लेकर गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी के चलते गुजरात के सूरत में सड़कों पर नूपुर शर्मा के पोस्टर लगाए गए हैं जिन पर जूते का निशान भी है। पोस्टर पर नूपुर शर्मा को गिरफ़्तार करने की मांग भी की गई है। 

मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सूरत के जिलानी ब्रिज की सड़क पर नूपुर शर्मा को गिरफ्तार करने वाली मांग के साथ पोस्टर लगाए गए हैं। हालांकि पोस्टर किसने लगाए हैं ये अभी साफ़ नही हो पाया है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गयी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 8 जून की सुबह पोस्टर देखे गए थे। जिसके बाद पुलिस में शिकायत की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर सड़क पर लगे पोस्टरों को हटाया। अब सूरत पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि पोस्टर चिपकाने वाले के बारे में जानकारी मिल जाए। 

सूरत के इस जिलानी ब्रिज के एक ओर हिंदू बहुल इलाका है और दूसरी तरफ़ मुस्लिम बहुल एरिया है। पुलिस सबूत जुटाने के लिए दोनों ओर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

वहीं, सूरत में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के कार्यकर्ताओं ने सूरत पुलिस कमिश्नर को नूपुर शर्मा के खिलाफ शिकायत दी है, उन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है।

नूपुर शर्मा की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पैगंबर मोहम्मद(Prophet Muhammad) को लेकर उनकी टिप्पणी कई राज्यों में विरोध का कारण बन रही है। उनके खिलाफ केस भी दर्ज़ हुए हैं। दरअसल, बीती 27 मई को टाइम्स नाउ के एक कार्यक्रम में उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसपर काफ़ी बवाल कटा हुआ है। कई इस्लामिक देशों ने राजदूत को तलब कर जवाब मांगा है और भारत सरकार से माफ़ी की मांग की है।बता दें कि 5 जून को बीजेपी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड भी कर दिया है। सस्पेंशन लेटर में लिखा गया कि कई मामलों में नूपुर ने पार्टी लाइन से विरुद्ध जाकर बातें कहीं, जो पार्टी के संविधान का उल्लंघन है।

हालांकि इसके बाद नूपुर ने भी ट्वीट कर कहा कि वो अपने शब्द वापस लेती हैं। उन्होंने लिखा,""मैं पिछले कई दिनों से टीवी डिबेट पर जा रही थी, जहां रोज़ाना मेरे आराध्य शिव जी का अपमान किया जा रहा था। मेरे सामने यह कहा जा रहा था कि वो शिवलिंग नहीं फुवारा है, दिल्ली के हर फुटपाथ पर बहुत शिवलिंग पाए जाते हैं, जाओ जा के पूजा कर लो। मेरे सामने बार-बार इस प्रकार से हमारे महादेव शिव जी के अपमान को मैं बर्दाश्त नहीं कर पाई और मैंने रोष में आके कुछ चीजें कह दी। अगर मेरे शब्दों से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो मैं अपने शब्द वापस लेती हूं, मेरी मंशा किसी को कष्ट पहुंचाने की कभी नहीं थी।"

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