राजौरी में शहीद निशांत मलिक की शहादत पर हांसी में निकाली आजादी गौरव यात्रा

यात्रा लाल सड़क शहीद स्मारक से शुरू होकर शहीद निशांत  के घर पर हुई समाप्त 

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जम्मू के राजौरी में शहीद हुए हांसी के निशांत मलिक की शहादत पर हांसी में निकाली आजादी गौरव यात्रा
लोगों ने वंदे मातरम, भारत माता की जय, जय किसान, जय जवान के नारे लगाए। यात्रा में शामिल लोगों ने शहीदों को नमन किया। इस यात्रा में निशांत मलिक अमर रहे के नारे लगाए। शहर के बाजारों से होकर जब यह यात्रा निकली तो शहीद के सम्मान में लोग इसमें शामिल हुए। 

हांसी-  जम्मू- कश्मीर के राजौरी जिले में आंतकवादियों के हमले में हांसी का निशांत मलिक वीरवार को शहीद हुआ था। शहीद का शव शनिवार को उसके गांव ढंडेरी में पहुंचा। इसके बाद उसका राजकीय सम्मान के साथ दाह संस्कार किया गया। हांसी में निशांत मलिक की शहादत पर रविवार को कांग्रेस ने हांसी में आजादी गौरव यात्रा निकाली। लोगों ने वंदे मातरम, भारत माता की जय, जय किसान, जय जवान के नारे लगाए। यात्रा में शामिल लोगों ने शहीदों को नमन किया।यह यात्रा लाल सड़क शहीद स्मारक से शुरू होकर शहीद निशांत मलिक के घर पर समाप्त हुई। इस यात्रा में निशांत मलिक अमर रहे के नारे लगाए। शहर के बाजारों से होकर जब यह यात्रा निकली तो शहीद के सम्मान में लोग इसमें शामिल हुए। 

 

 

जम्मू के राजौरी में शहीद हुए हांसी के निशांत मलिक की शहादत पर हांसी में निकाली आजादी गौरव यात्रा

जयवीर मलिक की तीन बेटियां है और एक बेटा था। बड़ी दो बेटियां ब्याही हुई है। जबकि छोटी बेटी की शादी दिसंबर- जनवरी में तय की जानी थी। शहीद निशांत ने अपनी बहन की शादी में गाड़ी देने के लिए उसने उसके नाम से एफडी भी करवाई थी, ताकि वह उसे गिफ्ट कर सकें।18 जुलाई को वह 45 दिनों की छुट्‌टी काट कर वापस आर्मी कैंप गया। निशांत ने अभी बीए फाइनल ईयर की परीक्षा दी थी।  इसके बाद दोबारा फोन किया, तब भी उसने रिसीव नहीं किया। उस समय मैं कैंट कैंटीन में गया था सामान लेने के लिए। पिता ने भावुक देते हुए बताया कि वहां पर ही उसे पता चला कि उसका बेटा शहीद हो गया।

जम्मू के राजौरी में शहीद हुए हांसी के निशांत मलिक की शहादत पर हांसी में निकाली आजादी गौरव यात्रा

तीन बहनों का इकलौता भाई 21 वर्षीय निशांत मलिक करीब दो साल पहले ही सेना में भर्ती हुआ था। निशांत के पिता जयवीर मलिक भी कारगिल के युद्ध में लड़ चुके हैं। उनके भी शरीर पर गोलियों के निशान है। उन्हें वीरवार दोपहर को बेटे के शहीद होने की सूचना मिली। जयवीर मलिक ने बताया कि निशांत अपने साथियों के साथ अटैक करने के लिए निकले तो पहले से ही घात लगाए हुए आतंकवादियों ने हमला कर दिया। इस हमले में वह और उसके 4 अन्य साथी शहीद हो गए।

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