महेश हत्याकांड: देवा गैंग के 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा

2016 में रामुपुरा बलियाली के महेश की चाकुओं से गोदकर की हत्या
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भिवानी जिले के कस्बा बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव रामुपुरा बलियाली में एक युवक की चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। मामला पांच दिसंबर 2016 का है। महेश की हत्या के बाद मुख्य चश्मदीद जितेंद्र की हत्या की भी दो बार कोशिश की गई। जिसमें उस पर दो बार आरोपियों ने जानलेवा हमला किया।  प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार जुर्माना लगाया गया है। 

भिवानी - भिवानी जिले के कस्बा बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव रामुपुरा बलियाली में एक युवक की चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। मामला पांच दिसंबर 2016 का है। गांव रामुपुरा बलियाली निवासी 23 वर्षीय जितेंद्र ने बवानीखेड़ा पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि पांच दिसंबर 2016 की देर शाम आठ बजे वह चचेरे भाई महेश के साथ शंकर चोपड़ा की दुकान पर पैदल जा रहे थे। जब वे दोनों दुकान के काउंटर पर पहुंचे तो चार बाइकों पर कुछ लोग वहां पहुंचे। आरोपियों ने महेश को घेरकर उस पर चाकुओं से हमला कर दिया और बाद में उसे उठाकर बाइक पर अपने साथ ले गए। 

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सेशन कोर्ट ने देवा गैंग के 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 25-25 हजार जुर्माना लगाया गया है। हत्या में शामिल सभी आरोपी देवा गैंग के गुर्गे हैं, जबकि हत्या में एक आरोपी नाबालिग भी है, जिसका मामला जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है। आरोपियों ने अपहरण कर युवक की हत्या की थी। जिसके बाद शव को सूखी लकड़ियों पर डालकर पेट्रोल से आग लगाने की कोशिश की गई थी।अधिवक्ता हनुमान प्रसाद शर्मा ने बताया कि महेश की हत्या के बाद मुख्य चश्मदीद जितेंद्र की हत्या की भी दो बार कोशिश की गई। जिसमें उस पर दो बार आरोपियों ने जानलेवा हमला किया। जिसमें जितेंद्र को पीजीआई में भर्ती रहना पड़ा, जिसका इलाज आज तक चल रहा है। 

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शिकायतकर्ता जितेंद्र के वकील हनुमान प्रसाद शर्मा ने बताया कि महेश की आरोपियों के साथ पुरानी रंजिश थी। सभी आरोपी देवा गैंग से संबंध रखते हैं। जिनमें जितेंद्र उर्फ सोनू, विनोद, सुनील उर्फ छोटू, रवींद्र उर्फ छोटू, राहुल, आकाश, संजय, संदीप उर्फ मटरू, पंकज उर्फ बाला, अंकेश, सुमित शामिल है। सेशन कोर्ट के न्यायाधीश दीपक अग्रवाल ने इस मामले में इन सभी 11 आरोपियों को अपहरण और हत्या में दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। सभी आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना न भरने की सूरत में अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान है।

शिकायतकर्ता जितेंद्र के वकील हनुमान प्रसाद शर्मा ने बताया कि महेश की आरोपियों के साथ पुरानी रंजिश थी। सभी आरोपी देवा गैंग से संबंध रखते हैं। जिनमें जितेंद्र उर्फ सोनू, विनोद, सुनील उर्फ छोटू, रवींद्र उर्फ छोटू, राहुल, आकाश, संजय, संदीप उर्फ मटरू, पंकज उर्फ बाला, अंकेश, सुमित शामिल है। सेशन कोर्ट के न्यायाधीश दीपक अग्रवाल ने इस मामले में इन सभी 11 आरोपियों को अपहरण और हत्या में दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। सभी आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना न भरने की सूरत में अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान है।


इसकी जानकारी उसने घर पहुंचकर महेश के परिजनों को दी। आरोपी महेश को पीरा वाली जोहड़ी के पास ले गए। जहां एक खेत में बनछटी (सूखा ईंधन) पर डालकर बाइक से पेट्रोल निकाल जलाने की कोशिश कर रहे थे। आरोपी जितेंद्र व परिजनों को देखकर भाग गए। जिसके बाद महेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बवानीखेड़ा पुलिस ने इस संबंध में हत्या के चश्मदीद जितेंद्र की शिकायत पर 11 नामजद लोगों के खिलाफ अपहरण व हत्या का केस दर्ज किया था।



 

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