कुलदीप बिश्नोई आज देंगे विधायक पद से इस्तीफा, कल थामेंगे बीजेपी का दामन

4 अगस्त को बीजेपी जॉइन करेंगे
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कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस से नाता तोड़कर साल 2009 में हरियाणा जनहित कांग्रेस(Haryana Janhit Congress) का गठन किया था. प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी के 7 विधायक जीते लेकिन 5 विधायकों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया. इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के साथ गठबंधन किया. दोनों दलों ने गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा. हजकां अपने कोटे की दोनों सीटें हार गई.

हिसार - कांग्रेस के बागी विधायक व आदमपुर से विधायक कुलपति बिश्नोई बुधवार, 3 अगस्त को कांग्रेस(Congress) व विधायक पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं. 4 अगस्त को दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय(BJP Headquarter) में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बीजेपी जॉइन करेंगे. बीती 2 अगस्त को उन्होंने घोषणा की थी कि 4 अगस्त को बीजेपी जॉइन करेंगे. मंगलवार शाम को कुलदीप बिश्नोई(Kuldeep Bishnoi) अपनी विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे. उन्होंने अपने आवास पर समर्थकों के साथ राजनीतिक हालात के बारे में चर्चा की और उनसे बीजेपी में शामिल होने को लेकर सुझाव मांगा, जिसका सभी ने हाथ उठाकर समर्थन किया. विधायक कुलपति बिश्नोई ने कहा कि अब समय आ गया है कि आदमपुर(Adampur)  हलके का वनवास खत्म किया जाए.

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कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि आदमपुर हलका ने करीब 27 साल का वनवास काटा है. अब ये वनवास खत्म होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि आदमपुर हलके की जनता की मांग पर 3 अगस्त को चंडीगढ़(Chandigarh) जाकर विधायक पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं और 4 अगस्त को आप सभी के साथ बीजेपी में शामिल हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि आदमपुर की जनता ने जिस प्रकार से सदैव उनके परिवार को अपना आशीर्वाद दिया है, उसका मुकाबला और प्रदेश का कोई हलका नहीं कर सकता है. इसलिए अब आदमपुर की जनता को सत्ता में भागीदारी दिलाने का काम करना है.

उन्होंने कहा कि आदमपुर के विकास में अब कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी और विकास के मामले में आदमपुर एक बाद फिर प्रदेश में मिसाल बनेगा. कुलपति के कहा कि जिन लोगों ने आदमपुर की जनता को बांटने का प्रयास किया और हलका को कमजोर करने का काम किया है. उनको अब जवाब देने का समय आ गया है.

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बता दें कि कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस से नाता तोड़कर साल 2009 में हरियाणा जनहित कांग्रेस(Haryana Janhit Congress) का गठन किया था. प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी के 7 विधायक जीते लेकिन 5 विधायकों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया. इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के साथ गठबंधन किया. दोनों दलों ने गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा. हजकां अपने कोटे की दोनों सीटें हार गई. जबकि बीजेपी(BJP) ने 7 और कांग्रेस ने 1 सीट जीती. लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे पर रजामंदी नहीं हुई तो कुलदीप ने हजकां का कांग्रेस में विलय(merge) कर घर वापसी की थी.

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