पंचायत चुनाव में होगी देरी, गुरुग्राम और हिसार की नहीं हुई वार्डबंदी

पार्टियों की तैयारियां जारी, फरवरी 2021 को खत्म हुआ था पंचायतों का कार्यकाल
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Gurugram and Hisar
अभी तय नहीं हो पाया कि चुनाव दो चरणों में होंगे या एक ही चरण में। एक चरण में चुनाव घोषित होने के बाद कम से कम 25 दिन और दो चरणों में होने पर 28 से 30 दिन की समय अवधि चाहिए।

हिसार-  हरियाणा में इस बार 71741 पदों पर चुनाव होने हैं। इनमें 6228 सरपंच, 62022 पंच, ब्लॉक समिति के 30380 पदों पर चुनाव होने हैं। राज्य सरकार ने सभी डीसी को 22 जुलाई तक मतदाता सूचियों का प्रकाशन करने के आदेश दिए थे।हालांकि सरकार ने पहले राज्य चुनाव आयोग को जुलाई में पत्र लिखकर चुनाव करवाने की अनुमति दे दी थी।ऐसे में अब हरियाणा राज्य चुनाव आयोग को सरकार से दोबारा मैंडेटेरी कंसल्टेंशन लेनी होगी। पंचायती चुनावों में हरियाणा सरकार के आरक्षण के फैसले को 15 अप्रैल 2021 को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल 23 फरवरी 2021 को खत्म हो गया था।

 

 

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अब गुरुग्राम के पटौदी को नगर परिषद बनाने, हिसार के बास और सिसाय नगर पालिका का दर्जा खत्म करके उसे ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया है। हरियाणा पंचायती चुनाव की तैयारियां राजनीतिक पार्टियों ने शुरू कर दी हैं। पहले चुनाव आयोग 30 सितंबर 2022 तक चुनाव संपन्न करवाने के लिए प्रयासरत था।  लेकिन वार्डबंदी होनी बाकी है। ऐसे में अगर चुनाव आयोग अगस्त महीने के अंतिम सप्ताह में चुनाव करवाने की घोषणा करता है, तब 30 सितंबर तक चुनाव हो सकेंगे। हिसार की आदमपुर नगर पालिका की बजाए आदमपुर गांव को पंचायत का दर्जा दे दिया गया।

भाजपा ने बूथ स्तर पर त्रिदेव बनाने का फैसला किया। त्रिदेव में एक बूथ पर तीन कार्यकर्ता होंगे।पंचायती चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने पहले 30 सितंबर तक चुनाव करवाने के संकेत दिए थे। इसके चलते पार्टियों ने तैयारियां शुरू कीं।  भाजपा ने 22 जिलों में चुनाव जिला प्रभारी भी नियुक्त कर दिए। प्रदेश स्तर पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल को प्रभारी बनाया गया। चुनाव सिंबल पर लड़ा जाए या नहीं, यह फैसला 24 अगस्त को होगा।

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हरियाणा राज्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह का कहना है कि सरकार से दोबारा कंसल्टेंशन आएगी। परंतु गुरुग्राम और हिसार के कुछ गांवों को नगर पालिका क्षेत्र से बाहर करने के कारण अब दोबारा वार्ड बंदी होगी। इसके बाद ही चुनाव आयोग घोषणा करेगा। अभी तय नहीं हो पाया कि चुनाव दो चरणों में होंगे या एक ही चरण में। एक चरण में चुनाव घोषित होने के बाद कम से कम 25 दिन और दो चरणों में होने पर 28 से 30 दिन की समय अवधि चाहिए।

22 जिलों में 30 जुलाई को पंचायती राज प्रकोष्ठ के संयोजक, संयुक्त सचिव, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त कर दिए। कांग्रेस पंचायती चुनाव सिंबल पर नहीं लड़ेगी, जबकि जननायक जनता पार्टी ने भी चुनाव लड़ने के संकेत नहीं दिए।वहीं आम आदमी पार्टी ने पंचायती चुनाव में जिला परिषद के चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ने की घोषणा कर दी।  वहीं इनेलो ने भी जिला परिषद के चुनाव सिंबल पर लड़ने की घोषणा की है। 

भाजपा ने बूथ स्तर पर त्रिदेव बनाने का फैसला किया। त्रिदेव में एक बूथ पर तीन कार्यकर्ता होंगे।पंचायती चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने पहले 30 सितंबर तक चुनाव करवाने के संकेत दिए थे। इसके चलते पार्टियों ने तैयारियां शुरू कीं।  भाजपा ने 22 जिलों में चुनाव जिला प्रभारी भी नियुक्त कर दिए। प्रदेश स्तर पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल को प्रभारी बनाया गया। चुनाव सिंबल पर लड़ा जाए या नहीं, यह फैसला 24 अगस्त को होगा।

हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट में फिर से फैसले को चुनौती दी गई है। परंतु कोर्ट ने इस पर स्टे नहीं लगाया।इसके बाद पंचायतों की शक्तियां बीडीपीओ के पास चली गई।  हरियाणा सरकार ने पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण और बीसीए को 8 प्रतिशत आरक्षण दिया था। मई 2022 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार को पंचायत चुनाव करवाने की अनुमति दे दी। 

हरियाणा सरकार ने 14 अगस्त को पटौदी नगर पालिका तथा हेली मंडी नगर पालिका तथा आसपास के 10 गांवों को मिलाकर नगर परिषद पटौदी- मंडी बनाने की घोषणा की है। अब इन गांवों के नगर परिषद में शामिल होने के बाद इसकी वार्डबंदी दोबारा से होगी। वहीं बास और सिसाय नगर पालिका का दर्जा खत्म करके पंचायतों का दर्जा दिया गया है।

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