रास्ते में गाड़ी खराब होने पर पुलिस की इनोवा छोड़ेगी घर

डायल-112 की गाड़ियों को हाईवे पर बिना किसी कॉल के 70 से अधिक स्पीड पर नहीं भगा सकेंगे 
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 रास्ते में गाड़ी खराब होने पर पुलिस की इनोवा छोड़ेगी घर
रास्ते में गाड़ी खराब होने पर पुलिस की इनोवा घर छोड़ेगी। कॉल आने पर पुलिस थाने, जिले की सीमा या क्षेत्राधिकार का कोई बहाना नहीं चलेगा। डायल-112 की गाड़ियों को हाईवे पर बिना किसी कॉल के 70 से अधिक स्पीड पर नहीं भगा सकेंगे। 

चंडीगढ़- रास्ते में गाड़ी खराब होने पर घबराने की जरूरत नहीं होगी, डायल-112 पर फोन करें, पुलिस की इनोवा घर तक छोड़ेगी। गृह मंत्री अनिल विज और प्रदेश सरकार को नए बदलावों के बारे में बताया जा चुका है। हरियाणा सरकार बड़े बदलाव कर डायल-112 को और प्रभावी बनाने जा रही है। योजना में नई विशेषताएं जोड़ने का काम शुरू हो गया है, इस साल के अंत तक इन्हें लागू कर दिया जाएगा। सितंबर-अक्तूबर से ट्रायल चलेगा। कमियां दूर करने के साथ जानकर बदनीयती करने वाले को दंडित भी किया जाएगा। 

 रास्ते में गाड़ी खराब होने पर पुलिस की इनोवा छोड़ेगी घर


कॉल आने पर पुलिस थाने, जिले की सीमा या क्षेत्राधिकार का कोई बहाना नहीं चलेगा। पुलिस विभाग के एडीजीपी आधुनिकीकरण और आईटी एएस चावला इस पर काम कर रहे हैं। एडीजीपी एएस चावला ने कहा कि डायल-112 की कमियों को दूर करने जा रहे हैं। रास्ते में गाड़ी खराब होने पर पुलिस की इनोवा घर छोड़ेगी। डायल-112 की गाड़ियों को हाईवे पर बिना किसी कॉल के 70 से अधिक स्पीड पर नहीं भगा सकेंगे। 


97 फीसदी शिकायतें ठीक होती हैं, 3 फीसदी शिकायतें ही अभी तक शरारतपूर्ण पाई गई हैं। बार-बार आदेशों की अवहेलना करने वाले स्टाफ पर कार्रवाई भी होगी। गाड़ी अगर एक स्थान पर काफी समय से खड़ी है, तो गश्त करने का अलर्ट आएगा। हर कॉल पर मौके पर पहुंचना होगा, बेशक शिकायत शरारतपूर्ण ही क्यों न हो।  

 रास्ते में गाड़ी खराब होने पर पुलिस की इनोवा छोड़ेगी घर


अंधाधुंध स्पीड से दौड़ने पर गाड़ियों का पूरा रिकॉर्ड परियोजना मुख्यालय में दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय को भी जाएगा। अपराधियों, असामाजिक तत्वों का पीछा करने पर ही सौ की स्पीड में चलने की अनुमति होगी। बेवजह सौ की स्पीड से चलने पर गाड़ियों में अलार्म बजना शुरू हो जाएगा। कॉल आते ही डायल-112 की गाड़ियों का शत-प्रतिशत जगह पहुंचने का रिकॉर्ड है। मौके पर पहुंचकर यह देखा जाता है कि शिकायत घरेलू तरह की है या मामला आपराधिक है। उसके आधार पर अगली कार्रवाई की जाती है। शहर में 10-15 मिनट और गांवों में 20 से 30 मिनट पर गाड़ियां मौके पर पहुंचती हैं।  

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