मेडिकल साइंस का कारनामा: पहली बार ठीक हुए कैंसर के मरीज़, जानिए कैसे

पहली बार क्लीनिकल ट्रायल में शामिल सभी 18 मरीज हुए पूरी तरह ठीक
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विशेषज्ञों की माने तो ये पहली बार ट्रायल में शामिल सभी मरीज ठीक हुए हैं और उनमें दवा के साइड इफेक्ट भी देखने को नही मिले। नतीज़ों का खुलासा न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में और अमेरिकन सोसायटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी की एक बैठक में किया गया।

चंडीगढ़: कैंसर!.. मतलब मौत पक्की। हम जब भी कैंसर का नाम सुनते हैं तो यही लगता है कि व्यक्ति की जिंदगी अब थोड़ी ही बची है। दुनिया भर में कैंसर के मरीज बढ़ते ही जा रहे हैं। भारत मे हालात और भी चिंताजनक हैं। नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में अगर इसी तरह से कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ती रही तो आशंका है कि साल 2015 तक भारत मे कैंसर के मरीजों की संख्या 13 से बढ़कर 16 लाख के क़रीब हो जाएगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसकी वजह हमारी फसलों में बेहिसाब यूरिया, धूम्रपान और लोगों में कैंसर को लेकर जागरूकता की कमी को माना है। लेकिन हमारे लिए एक खुशखबरी है, मेडिकल साइंस ने एक कारनामा कर दिखाया है। कैंसर के इलाज को लेकर चल रहे ट्रायल में खुलासा हुआ है कि हम कुछ टाइप की कैंसर को जड़ से ठीक कर सकते हैं। रेक्टल कैंसर या कोलोन कैंसर यानी पाचन तंत्र के निचले हिस्से में कैंसर के मरीजों को दवा के शुरुआती ट्रायल में कैंसर से छुटकारा मिल गया है। इससे एक उम्मीद जगी है कि जल्द ही हर प्रकार की कैंसर को ठीक किया जा सकता है।

कैंसर को लेकर ट्रायल अमेरिका(USA) के मैनहट्टन(Manhattan) में स्थित मेमोरियल सलोअन केटरिंग कैंसर सेंटर(Memorial Sloan Kattering Cancer Center) में किया गया। क्लीनिकल ट्रायल में डोस्टरलिमैब(Dostarlimab) ड्रग का ट्रायल किया गया। इसकी जानकारी देते हुए एमएसके कैंसर सेंटर की तरफ से कहा गया, "रेक्टल कैंसर(Rectal Cancer) इम्यूनोथेरेपी(Immunotherapy) के बाद गायब हो गया। वो भी बिना रेडीऐशन, सर्जरी और कीमोथेरेपी(Chemotherapy)जैसे स्टैन्डर्ड ट्रीट्मन्ट के ठीक हुआ है। अब इन मरीजों में कैंसर वापस नहीं आएगा।"

उन्होंने बताया कि ट्रायल में 18 रेक्टल कैंसर से पीड़ित मरीजों ने हिस्सा लिया था। उनको हर तीन हफ्ते में डोस्टरलिमैब नामक दवा दी गई। इसके बाद नतीजे हैरान कर देने वाले आए हैं। 6 महीनों के बाद सभी मरीज बिल्कुल ठीक हो गए हैं। इन सभी मरीजों में कैंसर की स्टेज एक समान थी और कैंसर उनके किसी और हिस्से में नही फैला।

विशेषज्ञों की माने तो ये पहली बार ट्रायल में शामिल सभी मरीज ठीक हुए हैं और उनमें दवा के साइड इफेक्ट भी देखने को नही मिले। नतीज़ों का खुलासा न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन(New England Journal Of Medicine) में और अमेरिकन सोसायटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी(American Society of Clinical Oncology) की एक बैठक में किया गया।

कैसे काम करती है डोस्टरलिमैब

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डोस्टरलिमैब हमारी बॉडी के प्राकृतिक इम्यून सिस्टम को अनलॉक करती है। जैसे ही हम इम्यूनथेरेपी जैसे कि डोस्टरलिमैब को दिया जाता है यह हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को एक्टिवेट करता है और कैंसर सेल को ढूंढ कर उसपर हमला करता है।
इससे पहले डोस्टरलिमैब का इस्तेमाल अभी तक ब्रिटेन में गर्भाशय से जुड़े कैंसर में होता है।

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