एयर इंडिया के बाद अब बिकने की कतार में यह बड़ी सरकारी कंपनियां!

इन बड़ी कंपनियों को बेच कर सरकार जुटाएगी पैसा जानिए
 | 
Air india
इन कंपनियों की बिक्री से सरकार को कुछ संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी। साथ ही सरकार इस तरह एयर इंडिया (Air India) को बेचने से पहले उसमें डाली कुछ रकम की वसूली भी कर पाएगी। इन तीन कंपनियों में से एआई इंजीनियरिंग सर्विसेज (AI Engineering Services) के लिए संभावित खरीदारों से सबसे अधिक रुझान देखने को मिल सकता है। टाटा ग्रुप (Tata Group) की एविएशन सेक्टर में बड़े विस्तार की योजना है और इसके बिक्री में रुचि लेने की उम्मीद है। बड़ी इंजीनियरिंग सब्सिडियरीज वाली कुछ दिग्गज एयरलाइंस टाटा ग्रुप के साथ संयुक्त रूप से मैंटेनेंस शॉप चलाना चाहती हैं।

मुंबई.  एयर इंडिया (Air India) के बाद केंद्र सरकार अब इसकी पुरानी सब्सिडियरीज को भी बेचने की तैयारी में है। सरकार ने एलाइंस एयर एविएशन, एआई इंजीनियरिंग सर्विसेज और एआई एयरपोर्ट सर्विसेज की बिक्री पर काम करना शुरू कर दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) ने एलाइंस एयर के लिए एक क्लीन-अप एक्सरसाइज शुरू कर दी है। इसके साथ ही केंद्र अन्य दो सब्सिडियरीज की बिक्री को लेकर भी काम कर रही है। ऐसे में अगले कुछ महीनों में सरकार इन कंपनियों की बिक्री के लिए बोलियां आमंत्रित कर सकती हैं। अधिकारियों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को यह जानकारी दी है। 

इन कंपनियों की बिक्री से सरकार को कुछ संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी। साथ ही सरकार इस तरह एयर इंडिया (Air India) को बेचने से पहले उसमें डाली कुछ रकम की वसूली भी कर पाएगी। इन तीन कंपनियों में से एआई इंजीनियरिंग सर्विसेज (AI Engineering Services) के लिए संभावित खरीदारों से सबसे अधिक रुझान देखने को मिल सकता है। टाटा ग्रुप (Tata Group) की एविएशन सेक्टर में बड़े विस्तार की योजना है और इसके बिक्री में रुचि लेने की उम्मीद है। बड़ी इंजीनियरिंग सब्सिडियरीज वाली कुछ दिग्गज एयरलाइंस टाटा ग्रुप के साथ संयुक्त रूप से मैंटेनेंस शॉप चलाना चाहती हैं।

एलाइंस एयर (Alliance Air) के पास वर्तमान में 19 टर्बोप्रॉप का बेड़ा है। इनमें 18 एटीआर और एचएएल का एक मेड-इन-इंडिया डोर्नियर शामिल है। यह मुख्य रूप से उत्तर व पूर्वोत्तर भारत में 50 डोमेस्टिक डेस्टिनेशंस पर 115 डेली डिपार्चर्स संचालित करता है। 800 कर्मचारियों वाली यह एयरलाइन सितंबर तक दो और एटीआर व एचएएल द्वारा निर्मित एक अन्य डोर्नियर अपने बेड़े में शामिल करेगी। यह क्षेत्रीय एयरलाइन एक इंटरनेशनल रूट चेन्नई से जाफना शुरू करने की योजना बना रहा है।

इंडिगो भारत में टर्बोप्रॉप का उपयोग करने वाली क्षेत्रीय उड़ानों का एकमात्र वित्तीय रूप से स्थिर ऑपरेटर है। इंडिगो और एयर इंडिया के अलावा अभी तक किसी अन्य भारतीय ऑपरेटर के पास एलाइंस एयर के लिए सफलतापूर्वक बोली लगाने की आवश्यक वित्तीय ताकत नहीं है। उद्योग के अंदरूनी सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

हवाईअड्डों पर सेवाएं प्रदान करने वाली ग्राउंड हैंडलिंग शाखा एआई एयरपोर्ट सर्विसेज (AIASL) अभी कुछ मुद्दों का सामना कर रही है। उड़ान में हो रही देरी के लिए एयर इंडिया ने हाल ही में एआईएएसएल को चेतावनी दी थी। एयर इंडिया ने चेतावनी थी कि वह कुछ एयरपोर्ट्स पर अन्य सेवा प्रदाताओं को चुन सकता है। एआईएएसएल को पहले से भारतीय एयरपोर्ट्स पर काम कर रहे ग्राउंड हैंडलर्स से कुछ रुचि मिल सकती है।

Latest News

Featured

Around The Web