देश में महंगाई इतनी भी नहीं है, जानें वित्त मंत्री ने क्या कहा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (2 अगस्त, 2022) को राज्यसभा में कहा कि भारत की आर्थिक स्थिति दूसरे देशों की तुलना में काफी बेहतर है।
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मंहगाई
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (2 अगस्त, 2022) को राज्यसभा में कहा कि भारत की आर्थिक स्थिति दूसरे देशों की तुलना में काफी बेहतर है। वहीं, जीएसटी को लेकर विपक्ष के हमले पर भी उन्होंने जवाब दिया और कहा कि पहले भी खाने पीने की चीजों पर टैक्स लगाया गया है। वित्त मंत्री के संबोधन के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर लिया। बता दें कि इससे पहले सोमवार को वित्त मंत्री ने लोकसभा में महंगाई के सवालों का जवाब दिया था। जैसे ही उन्होंने सदन में बोलना शुरू किया तो कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर लिया था।

दिल्ली.  राज्यसभा में आंकड़े पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी से पहले कई चीजों पर 22 राज्यों में वैट लगाया गया था। ये कहना बहुत आसान है कि ये पहले कभी हुआ ही नहीं है। उन्होंने कहा, “भारत की आर्थिक स्थिति कई देशों की तुलना में बेहतर है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम इस मुद्दे से भाग रहे हैं। हम यहां चर्चा करने और सवालों का जवाब देने के लिए हैं। कीमतें बढ़ी हैं और कोई इससे इनकार नहीं कर रहा है।”

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (2 अगस्त, 2022) को राज्यसभा में कहा कि भारत की आर्थिक स्थिति दूसरे देशों की तुलना में काफी बेहतर है। वहीं, जीएसटी को लेकर विपक्ष के हमले पर भी उन्होंने जवाब दिया और कहा कि पहले भी खाने पीने की चीजों पर टैक्स लगाया गया है। वित्त मंत्री के संबोधन के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर लिया। बता दें कि इससे पहले सोमवार को वित्त मंत्री ने लोकसभा में महंगाई के सवालों का जवाब दिया था। जैसे ही उन्होंने सदन में बोलना शुरू किया तो कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर लिया था।

सीतारमण ने पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश के बजाय भारत की अमेरिका से तुलना करने की बात कही। उन्‍होंने ग्रोथ, महंगाई और दुनिया की चुनौतियों का जिक्र किया। सीतारमण ने कहा कि हमें देखना होगा कि दुनिया में क्या हो रहा है। भारत दुनिया में क्या स्थान रखता है। विश्व ने ऐसी महामारी का सामना पहले कभी नहीं किया। महामारी से बाहर आने के लिए हर कोई अपने स्तर पर काम कर रहा है। इसलिए वह भारत के लोगों को इसका श्रेय देती हैं।

वित्‍त मंत्री बोलीं कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पिछले 2 साल में भारत को विश्व बैंक, IMF और दूसरी वैश्विक संस्थाओं की ओर से मजबूत रैंकिंग दी गई है। हर बार जब उन्होंने आकलन किया है, विश्व की विकास दर उस अवधि में अनुमान से कम रही। भारत की भी विकास दर अनुमान से कम रही है। लेकिन, हर बार भारत की विकास दर सर्वाधिक थी।

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