जानिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की सच्चाई! खुद सरकार ने संसद में बताई

मोदी सरकार ने खुद सदन में बताया चौंकाने वाले आंकड़े जानिए
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उजावला योजना
राज्यसभा में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने लिखित जवाब में बताया कि “उज्ज्वला योजना के 4.13 करोड़ लाभार्थियों ने एक बार भी रसोई गैस सिलेंडर को रिफिल नहीं करवाया है, जबकि 7.67 करोड़ लाभार्थियों ने एक ही बार सिलेंडर भरवाया है।’ अब यह जानकारी सामने आने के बाद सरकार पर लोग तंज कस रहे हैं।मोदी सरकार उज्ज्वला योजना को अपनी सबसे सफल योजनाओं में एक बताती रही है। हालांकि अब जो आंकड़े सामने आये हैं, उससे विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का एक और मौका मिला गया है।

दिल्ली. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों से जुड़ी जानकारी मांगी थी। जिस पर जवाब देते हुए राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने ये जानकारी दी। जिसके अनुसार, 2018-19 में 1.24 करोड़, 2019-20 में 1.41 करोड़, 2020-21 में 10 लाख और 2021-22 में 92 लाख उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों ने एक बार भी सिलेंडर नहीं भरवाया। उन्होंने बताया कि 2021-22 के दौरान 1.08 करोड़ ज्ज्वला योजना के लाभार्थियों ने केवल एक बार ही सिलेंडर रिफिल कराया। 

मोदी सरकार उज्ज्वला योजना को अपनी सबसे सफल योजनाओं में एक बताती रही है। हालांकि अब जो आंकड़े सामने आये हैं, उससे विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का एक और मौका मिला गया है। आंकड़ों के मुताबिक, बड़ी संख्या में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों ने एक बार भी सिलेंडर नहीं भरवाया है। आंकड़े के सामने आने के बाद सरकार लोगों के निशाने पर आ गई है।

राज्यसभा में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने लिखित जवाब में बताया कि “उज्ज्वला योजना के 4.13 करोड़ लाभार्थियों ने एक बार भी रसोई गैस सिलेंडर को रिफिल नहीं करवाया है, जबकि 7.67 करोड़ लाभार्थियों ने एक ही बार सिलेंडर भरवाया है।’ अब यह जानकारी सामने आने के बाद सरकार पर लोग तंज कस रहे हैं।


महिला कांग्रेस ने ट्वीट किया कि ‘रसोई गैस सिलेंडर मोदी सरकार में इतना महंगा कर दिया है कि उज्ज्वला योजना का वादा चूल्हे के काले धुएं में उड़ गया है।’ ओडिशा कांग्रेस सेवादल ने लिखा कि ‘निशिकांत दुबे जी इसके लिए भी प्रधानमंत्री को बधाई दी जानी चाहिए।’ मल्लिकार्जुन खडगे ने लिखा कि उज्ज्वला “प्रचार” योजना का झांसा, मोदी सरकार के आंकड़ों से ही उजागर होता है। FY21-22 में, 2 Cr+ लोग LPG की सिंगल रिफिल का खर्च नहीं उठा सकते थे, जबकि 2.11 Cr ने इसे केवल एक बार रिफिल किया। मोदी जी, रीफिल की लागत ₹1053 बिना सब्सिडी के साथ आपने गरीब भारतीयों को अंधकार युग में धकेल दिया है!

हेमेंद्र मालवीय नाम के यूजर ने लिखा कि ‘मतलब साफ है कि मोदी सरकार की हर योजना विफल साबित हुई है। इसलिए जनता को धर्म की अफीम चटाई जा रही है।’ संगम पाल नाम के यूजर ने लिखा कि ‘1100 रुपए का सिलेंडर महीने भर चलेगा तो कौन गरीब इतना खर्चा उठा पाएगा।’ अमित नाम के यूजर ने लिखा कि ‘जिस उज्ज्वला का ये ढोल पीटते हैं उसकी सच्चाई यह हैं। देखा जाए तो जो लक्ष्य हासिल करने थे वो नहीं हो पाये इससे। आम जनता का पैसा बर्बाद किया है। गरीब से उम्मीद करते हैं कि वो 1000 की गैस खरीदेगा।’

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