रिजर्व बैंक ने 4 बैंक पर लगाया बैन, पैसों की निकासी भी लिमिटेड

केंद्रीय बैंक ने चार सहकारी बैंकों को यह निर्देश बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत जारी किए है, जो छह महीने तक लागू रहेंगे.
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रिजर्व बैंक
भारतीय रिजर्व बैंक ने चार बैंकों पर कड़ा कदम उठाया है. इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से चार बैंकों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. वहीं लोगों के जरिए बैंक से पैसों की निकासी की सीमा भी तय कर दी गई है.

नई दिल्ली - भारतीय रिजर्व बैंक समय-समय पर कड़े फैसले लेते रहता है. एक बार फिर रिजर्व बैंक ने बड़ा फैसला लेते हुए चार बैंकों पर प्रतिबंध लगा दिया है. ये ग्राहकों के लिए काफी बड़ा झटका है. लोगों के जरिए बैंक से पैसों की निकासी की सीमा भी तय कर दी गई है. यानी अब इन चार बैंकों से जुड़े ग्राहक RBI के जरिए तय की गई लिमिट से ही पैसों की निकासी कर सकते हैं.

आरबीआई के अनुसार जिन चार बैंकों पर प्रतिबंध लगाया गया है. उनमें साईबाबा जनता सहकारी बैंक, द सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सूरी (पश्चिम बंगाल) और बहराइच के नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड शामिल हैं. इन बैंकों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.

इन बैंकों से पैसों की निकासी भी सीमित की गई है. साईबाबा जनता सहकारी बैंक के जमाकर्ता 20,000 रुपये से अधिक नहीं निकाल सकते है. वहीं सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक के लिए यह सीमा 50,000 रुपये है जबकि नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के मामले में निकासी की सीमा प्रति ग्राहक 10,000 रुपये कर दी है.

रिजर्व बैंक ने एक अन्य बयान में कहा कि उसने सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक पर 'धोखाधड़ी' से संबंधित कुछ मानदंडों के उल्लंघन को लेकर 57.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. केंद्रीय बैंक ने चार सहकारी बैंकों को यह निर्देश बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत जारी किए है, जो छह महीने तक लागू रहेंगे.

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