'कुछ लोग धर्म के नाम पर नफरत फैला रहे हैं', देश में हुई हिंसक घटनाओं पर बोले NSA अजीत डोभाल

एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि हम सब एक जहाज में हैं, डूबेंगे साथ में और बेड़ा पार भी साथ में होगा.
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एनएसए अजीत डोभाल
राजधानी दिल्ली में ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल इंटरफेथ कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा, 'दुनिया में संघर्ष का माहौल पैदा हो रहा है. अगर हमें उस माहौल का मुकाबला करना है तो देश की एकता को एक साथ बनाए रखना जरूरी है.'

नई दिल्ली - राजधानी दिल्ली (Delhi) में आज ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल (All India Sufi Sajjadanshin Council) ने इंटरफेथ कॉन्फ्रेंस (Interfaith Conference) का आयोजन किया. इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने कहा कि कुछ तत्व ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे देश की प्रगति बाधित हो रही है.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (NSA Ajit Doval) ने इस मौके पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि हम सब एक जहाज में हैं, डूबेंगे साथ में और बेड़ा पार भी साथ में होगा. अजीत डोभाल ने कहा, ''हर भारतीय के मन में विश्वास करे कि वो यहां महफूज है और किसी पर भी बात आएगी तो सारे उसके लिए खड़े हो जाएंगे. हम सब एक जहाज में हैं. डूबेंगे साथ में और बेड़ा पार भी साथ में होगा.''

डोभाल ने कहा, ‘दुनिया में संघर्ष का माहौल पैदा हो रहा है. अगर हमें उस माहौल का मुकाबला करना है तो देश की एकता को एक साथ बनाए रखना जरूरी है और सशक्त मुल्क की तरह आगे बढ़ें. पिछले कुछ सालों से देश जो तरक्की कर रहा है इसका जो लाभ होगा वो हर हिंदुस्तानी को होगा.

अजीत डोभाल ने कहा, चंद लोग जो धर्म या विचारधारा के नाम पर लोगों में हिंसा या संघर्ष पैदा करने का प्रयत्न करते हैं उसका प्रभाव पूरे देश पर होता है. देश के अंदर भी होता है और देश के बाहर भी होता है. ऐसे तत्व धर्म और विचारधारा के नाम पर कटुता और संघर्ष पैदा कर रहे हैं, यह पूरे देश को प्रभावित करने के साथ ही देश के बाहर भी फैल रहा है.

एनएसए अजित डोभाल ने कहा कि, ‘मूकदर्शक बने रहने के बजाय हमें अपनी आवाज को मजबूत करने के साथ-साथ अपने आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना होगा. हमें भारत के हर संप्रदाय को यह महसूस कराना है कि हम एक साथ एक देश हैं, हमें इस पर गर्व है और हर धर्म को यहां अपनी आजादी के साथ रहने का अधिकार है.

एनएसए अजीत डोभाल की अध्यक्षता में आयोजित अंतर-धार्मिक बैठक में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं ने हिस्सा लिया. एआईएसएससी के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में धार्मिक नेताओं ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) जैसे संगठनों और ऐसे अन्य मोर्चों पर प्रतिबंध लगानेका एक प्रस्ताव पारित किया जो राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्तरहे हैं.

वहीं, सम्मेलन में मौजूद हजरत सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कट्टरपंथी संगठनों पर पाबंदी लगाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ‘कुछ भी घटना होने पर हम निंदा करते हैं. अब निंदा करने का नहीं, बल्कि कुछ कर दिखाने का समय है. देश में जितने भी कट्टरपंथी संगठन पैर पसार चुके हैं उनको बैन किया जाए. चाहे कोई भी कट्टरपंथी संगठन हो, उनके खिलाफ सबूत होने पर उन्हें बैन कर देना चाहिए.

इस मौके पर दीवान अजमेर शरीफ हजरत सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने एनएसए अजीत डोभाल की मौजूदगी में कहा, ''जब कोई घटना होती है तो हम निंदा करते हैं. अब कुछ करने का समय आ गया है. कट्टरपंथी संगठनों पर लगाम लगाना और उन पर प्रतिबंध लगाना समय की मांग है. अगर उनके खिलाफ सबूत हैं तो उन्हें बैन किया जाना चाहिए.''

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