क्या भारत में भी आएगा आर्थिक संकट! पूर्व RBI गवर्नर की भविष्यवाणी

भारत में पाकिस्तान श्री लंका जैसे आर्थिक संकट को लेकर क्या कहते है रघुराम राजन
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RBI governor
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए रघुराम राजन ने कहा, “हमारे पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है। रिजर्व बैंक ने इसमें अच्छा काम किया है। हमारी समस्या श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी नहीं है। हमारे विदेशी कर्ज भी कम हैं।” आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया में महंगाई है। आरबीआई ब्याज दरें बढ़ा रहा है जिससे महंगाई कम करने में मदद मिलेगी। सबसे ज्यादा महंगाई खाद्य और ईंधन में है। रघुराम राजन के मुताबिक दुनिया में खाद्य मुद्रास्फीति (Inflation) कम हो रही है और यह आने वाले दिनों में भारत में भी घटेगी।

रायपुर. RBI के पूर्व गवर्नर ने भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर भविष्यवाणी की है। पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन का कहना है कि भारत को श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आरबीआई ने विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने की दिशा में अच्छा काम किया है। 

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए रघुराम राजन ने कहा, “हमारे पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है। रिजर्व बैंक ने इसमें अच्छा काम किया है। हमारी समस्या श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी नहीं है। हमारे विदेशी कर्ज भी कम हैं।” आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया में महंगाई है। आरबीआई ब्याज दरें बढ़ा रहा है जिससे महंगाई कम करने में मदद मिलेगी। सबसे ज्यादा महंगाई खाद्य और ईंधन में है। रघुराम राजन के मुताबिक दुनिया में खाद्य मुद्रास्फीति (Inflation) कम हो रही है और यह आने वाले दिनों में भारत में भी घटेगी।


श्रीलंका के विदेशी मुद्रा भंडार में अप्रत्याशित कमी: श्रीलंका के सांख्यिकी विभाग ने शनिवार (30 जुलाई 2022) को कहा कि देश की मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर 60.8 प्रतिशत हो गई, जो जून में 54.6 प्रतिशत थी। श्रीलंका में विदेशी मुद्रा भंडार में अप्रत्याशित कमी आई थी। खाद्य और ईंधन संकट से जूझ रहे पड़ोसी देश में इससे हालात बदतर हो गए। साल-दर-साल खाद्य मुद्रास्फीति जून में 80.1 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 90.9 पहुंच गयी है। देश के केंद्रीय बैंक का कहना है कि महंगाई 75 फीसदी के उच्च स्तर पर पहुंच सकती है।

राजनीतिक अशांति से आर्थिक अनिश्चितता: वहीं, पाकिस्तान में चल रही राजनीतिक अशांति आर्थिक अनिश्चितता को बढ़ा रही है, जिससे रुपए का अवमूल्यन हो रहा है और उत्पादन की लागत प्रभावित हो रही है। रुपए के अवमूल्यन को रोकने में सरकार की विफलता के बीच, गुरुवार को वित्त मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान का आर्थिक दृष्टिकोण अनिश्चित और धुंधला बना हुआ है, जबकि मुद्रास्फीति 21 प्रतिशत के मौजूदा स्तर के आसपास रहेगी।

रघुराम राजन ने कहा, “पूरी दुनिया में मंहगाई बढ़ गई है। RBI ब्याज दरें बढ़ा रहा है जिससे महंगाई कम करने में मदद मिलेगी। सबसे ज्यादा महंगाई की मार फूड और ऑयल प्रोडक्ट्स पर पड़ी है। पूरी दुनिया में खाद्य मुद्रास्फीति कम हो रही है और भारत में भी यह दर घटेगी।” आरबीआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 22 जुलाई तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 571.56 बिलियन डॉलर था। इस हफ्ते के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 1.152 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई।

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