भगवा पार्टी देश में, वन पार्टी रूल स्थापित करना चाहती है - मनोज झा

नीतीश कुमार को साल 2017 में अपने फैसले पर अफसोस है
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साझा लक्ष्य बिहार में लोकतंत्र को बचाए रखना है क्योंकि बीजेपी क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म कर देना चाहती है. इसके अलावा साल 2015 की तुलना में एक बड़ा अंतर यह भी है कि उसमें समय नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली BJP सिर्फ 1 साल पुरानी पार्टी थी. हमारे सामने उनके कई रूप सामने नहीं आए थे. साल 2022 तक हम उनके कई रूप देख चुके हैं.

नई दिल्ली - आरजेडी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद प्रोफेसर मनोज झा(Manoj Jha) ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में बीजेपी पर देश मे चीन-मॉडल(China One Party Model) अपनाने का आरोप लगाया है.

खबर के मुताबिक इंटरव्यू में RJD नेता मनोज झा ने कहा कि भगवा पार्टी देश मे, जस का तस चीनी मॉडल लागू करना चाहती है. वह लोकल पार्टीयों को खत्म कर देश में वन पार्टी रूल अपनाना चाहती है.

बिहार में नीतीश कुमार के एनडीए(National Democratic Alliance) से निकलकर महागठबंधन(Mahagathbandhan) में शामिल होने और नई सरकार का मुख्यमंत्री बनाने के बाद में कैबिनेट का गठन होना है इससे पहले नीतीश कुमार ने एक इंटरव्यू में कहा,"जेडीयू(Janta Dal United) के महागठबंधन का हिस्सा बनने के साथ ही यह तय हो गया है कि लोकसभा 2024 में BJP से 2 सीटें ही जीत पाएगी. वर्तमान में BJP के पास राज्य की 40 सीटों में से 17 सीटें हैं वहीं एनडीए गठबंधन की(जेडीयू की मिलाकर) 40 में से 39 सीटें हैं.

इंटरव्यू में मनोज झा ने साल 2022 और साल 2015 के महागठबंधन के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि नीतीश कुमार(Nitish Kumar) को अपने साल 2017 के फैसले पर अफसोस है.

उन्होंने कहा," नीतीश कुमार को साल 2017 में अपने फैसले पर अफसोस है. उनका कहना है कि कुछ लोगों ने उन्हें भ्रमित कर दिया था. इसके अलावा साल 2015 में हम चुनावी साझेदार के रूप में सामने आए थे. इस बार हम अपने साक्षा लक्ष्यों को लेकर एक साथ आए हैं. 

उन्होंने कहा,"साझा लक्ष्य बिहार में लोकतंत्र को बचाए रखना है क्योंकि बीजेपी क्षेत्रीय पार्टियों(Local Parties) को खत्म कर देना चाहती है. इसके अलावा साल 2015 की तुलना में एक बड़ा अंतर यह भी है कि उसमें समय नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली BJP सिर्फ 1 साल पुरानी पार्टी थी. हमारे सामने उनके कई रूप सामने नहीं आए थे. साल 2022 तक हम उनके कई रूप देख चुके हैं.

कौन सा अमृत काल? कैसा अमृत काल? हज़ारों साल पुरानी ये अश्लील और अशोभनीय हक़ीक़त आज भी सभ्यता को शर्मसार कर रही है। क्या तिरंगा यात्राएं इस नग्न सच्चाई को ढंक पाएगी? https://t.co/mhqYsDwugB


वहीं बीते शनिवार को राजस्थान के जालोर जिले के सुराणा गांव के 9 साल के दलित बच्चे की मौत पर मनोज झा ने मोदी सरकार के अमृत काल को लेकर सवाल उठाया. प्रोफेसर मनोज झा ने ट्विटर पर लिखा,"कौन सा अमृत काल? कैसा अमृत काल? हज़ारों साल पुरानी ये अश्लील और अशोभनीय हक़ीक़त आज भी सभ्यता को शर्मसार कर रही है. क्या तिरंगा यात्राएं इस नग्न सच्चाई को ढंक पाएगी?

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