जनसंख्या नियंत्रण पर सीएम योगी ने जताई चिंता, कहा- ध्यान रहे असंतुलन की स्थिति न पैदा हो

सीएम योगी ने कहा कि कई बार ये बात कही गई है कि कई समस्याएं बढ़ी आबादी की वजह से प्रदेश में बनी हुई हैं.
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सीएम योगी
विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बढ़ती जनसंख्या पर चिंता जताई.सीएम ने कहा कि यूपी में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में पहले की तुलना में अपने रिकॉर्ड को अच्छा किया है, लेकिन इसे और बेहतर करने की जरूरत है.

 

लखनऊ - विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर लखनऊ में सीएम आवास पर जनसंख्या पखवाड़ा की शुरुआत हुई. इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बढ़ती जनसंख्या पर चिंता जताई और कहा कि जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आगे बढ़े, लेकिन जनसांख्यिकी असंतुलन की स्थिति भी न पैदा हो पाए.

सीएम योगी ने कहा कि 'हम सभी जानते हैं कि बीते पांच वर्षों से देशभर में जनसंख्या स्थिरीकरण को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं एक निश्चित पैमाने पर जनसंख्या समाज की उपलब्धि भी है, लेकिन यह उपलब्धि तभी है, जब समाज स्वस्थ व आरोग्यता की स्थिति को प्राप्त कर सके.'

सीएम ने कहा कि यूपी में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में पहले की तुलना में अपने रिकॉर्ड को अच्छा किया है, लेकिन इसे और बेहतर करने की जरूरत है. उत्तर प्रदेश की अगर बात करें तो यहां की आबादी 25 करोड़ के आसपास है. आबादी के लिहाज से ये दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश हो सकता है.

जनसंख्या नीति के लागू होने का इंतजार किया जा रहा है. बीजेपी के नेता कह रहे हैं उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण किए जाने की आवश्यकता है साथ ही साथ जनसंख्या का अनुपात ठीक नहीं है. उसे भी ठीक करने की जरूरत है तो साफ तौर पर वे इसके लिए सहमत है और जल्द ही सरकार भी एक कठोर कदम इस दिशा में बढ़ती दिखाई देगी.

बता दें कि बीते साल अगस्त के महीने में उत्तर प्रदेश स्टेट लॉ कमीशन ने जनसंख्या नियंत्रण नीति को लेकर एक ड्राफ्ट मुख्यमंत्री को सौंपा था और अब इंतजार है कि इस जनसंख्या नियंत्रण नीति को प्रदेश में आखिर कब लागू किया जाएगा.

यूपी स्टेट लॉ कमीशन के उस वक्त के चेयरमैन जस्टिस ए एन मित्तल ने एक मसौदा जनसंख्या नियंत्रण का तैयार किया था. इस मसौदे में कई अहम बातें कही गईं थी. जिसमें ये साफ तौर पर है, कि जिनके 2 से ज्यादा बच्चे होंगे उन्हें सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी और जो सरकारी नौकरी में होंगे उन्हें प्रमोशन नहीं मिलेंगा.

दरअसल 260 पन्ने की इस रिपोर्ट में स्टेट लॉ कमिशन ने तमाम चीजों पर आम लोगों से राय भी मांगी थी. जिसके लिए 8500 से ज्यादा सुझाव लॉ कमीशन को मिले थे, इन सुझावों को 57 श्रेणियों में रखा गया था. इसके मुताबिक जिनके 2 से ज्यादा बच्चे हैं उन्हें 77 सरकारी स्कीमों का लाभ नहीं मिल सकेगा.

वहीं कुछ सुझाव ऐसे भी थे जिनमें 2 से ज्यादा बच्चे होने पर विधायक और सांसद का चुनाव लड़ने की भी मनाही थी. कुछ ने ये सुझाव दिया कि जिनकी दो बेटियां हैं उन्हें तीसरे बच्चे की अनुमति दी जाए और जिनका एक बच्चा हो उसे कई तरह के लाभ मिलें.

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