बीजेपी कार्यकर्ता प्रवीण हत्याकांड की जांच करेगी एनआईए, बोम्मई सरकार ने केंद्र से की सिफारिश

8 दिनों के भीतर 3 हत्याओं के बाद तनाव में आई कर्नटाक की बोम्मई सरकार ने बड़ा फैसला किया है. सरकार ने प्रवीण हत्याकांड की जांच एनआईए को सौंपने की सिफारिश की है.
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बोम्मई सरकार
कर्नाटक सरकार ने प्रवीण हत्याकांड मामले को NIA को सौंपने की सिफारिश की है. दरअसल, बीजेपी युवा मोर्चा कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की हत्या के बाद राज्य में बवाल मचा हुआ है. इसके बाद मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मामले की एनआईए से जांच कराने का फैसला किया है.

बेंगलुरु - कर्नाटक की बोम्मई सरकार ने प्रवीण हत्याकांड मामले को NIA को सौंपने की सिफारिश की है. 8 दिनों में 3 लोगों की हत्या के बाद दबाव में आई मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने केंद्र सरकार से हत्याकांड की जांच एनआईए को सौंपने की सिफारिश की है. बता दें कि प्रवीण नेट्टारू भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता थे जिनकी 26 जुलाई को हत्या कर दी गई थी.

कर्नाटक में मंगलवार रात को दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्लारे में भाजयुमो नेता प्रवीण नेत्तारू (32) की उसकी दुकान के सामने मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी. हत्या के बाद बुधवार को दक्षिण कन्नड़ जिले में कई स्थानों पर तनाव भी पैदा हो गया था. प्रवीन नेट्टारू की हत्या के बाद से पार्टी के कार्यकर्ता आक्रोशित हैं और अपनी ही राज्य सरकार को घेर रहे हैं.

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने ये भी कहा था कि वह कर्नाटक-केरल सीमा से लगे 55 स्थानों पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे. वहीं दूसरी ओर पुलिस ने आज बताया कि तनावपूर्ण माहौल के कारण दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

हिंदू संगठनों ने हत्या में पीएफआई और एसडीपीआई का हाथ होने का शक जताया था. बता दें कि मेंगलुरू में अलग-अलग समुदायों के लोगों की हत्या के बाद शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है. सूरतकल, बाजपे, मुल्की और पन्नाम्बुर पुलिस थाना क्षेत्रों में स्कूल एवं कॉलेज शुक्रवार को बंद कर दिए गए हैं.

मेंगलुरु पुलिस आयुक्त एन शशिकुमार के मुताबिक, ‘‘बृहस्पतिवार रात से 30 जुलाई की सुबह तक कर्फ्यू लगाया गया है.’’ अधिकारी ने बताया कि शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी और कर्नाटक-केरल सीमा पर चौकी समेत 19 जांच चौकियों का गठन किया गया है. उन्होंने कहा कि रात में 10 बजे के बाद किसी को शहर में घूमने की इजाजत नहीं है.

इससे पहले विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है और हत्या की घटनाएं 'खुफिया विफलता' को दर्शाती हैं. उन्होंने कहा, 'इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट सीएम के अधीन, जबकि कानून व्यवस्था गृह मंत्री के तहत है. इसलिए, वे इसके लिए जिम्मेदार हैं और उन्हें त्यागपत्र दे देना चाहिए.'

वहीं कांग्रेस नेता के आरोप पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते मुख्यमंत्री बोम्मई ने कहा, ‘जब वह (सिद्धरमैया) मुख्यमंत्री थे तब 32 हत्याएं हुई थीं. 'तब उन्होंने क्या किया? वह हर चीज में सिर्फ राजनीति की कोशिश करते हैं. उनके बयान का कोई महत्व नहीं है. हम जानते हैं कि चीजों का प्रबंधन कैसे किया जाता है.

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