यासिन मलिक पर फैसला आने के बाद श्रीनगर में इंटरनेट सेवाएं बंद, भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को पनाह देने वाले यासिन मलिक को (Jammu-Kashmir Terror Funding) उम्रकैद की सजा हो गई है. साथ में10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है. सुनवाई के दौरान श्रीनगर में यासीन मलिक के घर से कुछ ही दूरी पर कुछ लोगों ने इकट्ठा होकर सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी.
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टेरर फंडिंग केस में दिल्ली की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उधर, सजा का ऐलान होते ही जम्मू कश्मीर में हालात बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए श्रीनगर के मैसूमा और डाउनटाउन इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इससे पहले श्रीनगर के मैसूमा इलाके में कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के समर्थकों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच मारपीट हुई। जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।
Yasin Malik: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को पनाह देने वाले यासिन मलिक को (Jammu-Kashmir Terror Funding) उम्रकैद की सजा हो गई है. साथ में10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है. सुनवाई के दौरान श्रीनगर में यासीन मलिक के घर से कुछ ही दूरी पर कुछ लोगों ने इकट्ठा होकर सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. हालांकि जवानों ने पत्थरबाजों की इस भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसूगैस के गोले दागे जिसके बाद ये पत्थरबाज वहां से भाग खड़े हुए. आपको बता दें कि दिल्ली में एनआइए की कोर्ट में अलगाववादी नेता और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष यासीन मलिक पर सजा के लिए सुनवाई चल रही थी. आपको बता दें कि यासीन मलिक पर एनआइए कोर्ट का फैसला आने से पहले श्रीनगर के कुछ हिस्से बुधवार को बंद रहे. अधिकारियों ने इस बात की  जानकारी दी।

भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती

अधिकारियों ने बताया कि एनआइए कोर्ट में यासीन मलिक को दोषी साबित हो गए हैं और उन्होंने अपने सारे दोष स्वीकार भी कर लिए हैं. अब यासीन मलिक पर आने वाले फैसले को लेकर श्रीनगर के लाल चौक की कुछ दुकानों सहित मैसूमा और आसपास के इलाकों में ज्यादातर दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे. अधिकारियों ने बताया कि पुराने शहर के कुछ इलाकों में भी दुकानें बंद रहीं(Jammu-Kashmir Terror Funding) लेकिन सार्वजनिक परिवहन सामान्य रहा. उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था की किसी भी प्रकार की समस्या से बचने के लिए शहर में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

19 मई को हुए थे दोषी करार

दिल्ली की अदालत (Delhi Court) ने प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (Banned Organization JKLF) के प्रमुख यासीन मलिक (Yasin Malik) को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत 19 मई को दोषी करार दिया था. उसने एनआईए के अधिकारियों (NIA Officers) को मलिक पर जुर्माना लगाए जाने के लिए उसकी वित्तीय स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए थे. यासीन मलिक की सजा से पहले ही जम्मू-कश्मीर में यासीन मलिक के घर के आस-पास भी सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध कर दिए गए हैं।

यासीन मलिक ने कबूल किेए सारे अपराध

मलिक ने अदालत में कहा था कि वह खुद के खिलाफ लगाए आरोपों का विरोध नहीं करता. इन आरोपों में यूएपीए की धारा 16 (आतंकवादी कृत्य), 17 (आतंकवादी कृत्यों के लिए धन जुटाना), 18 (आतंकवादी कृत्य की साजिश) और धारा 20 (आतंकवादी गिरोह या संगठन का सदस्य होना) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक षडयंत्र) और 124-ए (राजद्रोह) शामिल हैं. अदालत ने मलिक सजा पर फैसला सुनाने के लिए मामले की सुनवाई 25 मई को निर्धारित की थी।

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